लम्बी लाइन दर्श दिखा, दर्श दिखा श्याम दर्श दिखा
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तर्ज :- पतला दुपट्टा तेरा मुँह दिखे
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लम्बी लाइन दर्श दिखा, दर्श दिखा श्याम दर्श दिखा।।
मिलणे न मेरा जी कर रह्या,बाहर लिकड़ क फेस दिखा।।
4 बजे से हम तो खड़े तेरे द्वार,
आके देख ले बाबा तू एक बार,
क्यू वार करें - ना हमने सरे-२
जल्दी आके फर्ज निभा।। लम्बी लाइन...
थाली भर क ल्याई चूरमा मोर,
ऊखल ओर मुसल म लाग्या भोत घणा ए जोर,
तू खाके दिखा -ओर टेस्ट बता-२
दौड़ा आके भोग लगा।। लम्बी लाइन...
गंगा जल की झारी मेरे साथ,
जल भी पियो म्हारा दीनानाथ,
तृष्णा मिटे - संकट कटे
आकर सबकी प्यास बुझा।। लम्बी लाइन...
हाथ जोड़कर खड़ा है "राधेश्याम"
तेरे दर्शन बिन नही हमने आराम
नही बात सुणी - मेरे श्याम धणी
"केशव" बाकल जिद्द प अड़ा।।लम्बी लाइन...
भजन रचयिता :- राधेश्याम वत्स (दिल्ली)
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