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एक बार आवो बाबा श्याम रोज रोज गाम आवेगो

तर्ज :- बाजरे की रोटी खाले श्याम चूरमा न  एक बार आवो बाबा श्याम रोज रोज गाम आवेगो  गांव है हमारों हरियाणा प्रदेश में  लोग रहवे हरदम धोती कुर्ता भेष में साफ़ों बाँधागा थारे श्याम ।। रोज रोज गाम आवेलो..... खेत माहीं जायेके ट्यूबल प नुहावागा मीठो  मीठो गन्नों पाड़ ईख को चुंघावागा  गुड़ खाओ तातो  तातो श्याम ।। रोज रोज गाम आवेलो..... बाजरा की खिचड़ी में नूनी घी को लचको  ताजा दही घाल जीमो मारके सबड़को ऐसो बैठेगो सुवाद बाबा श्याम ।। रोज रोज गाम आवेलो..... रात न सुनावा थाने भजना का टपा  बेटा नाचे बेटी नाचे नाचे मम्मी पापा  ऐसो घूमर घालो बाबा श्याम ।। रोज रोज गाम आवेलो..... राधे श्याम बालक थारो आशीर्वाद दिजो भूल चुक होगी हो तो माफ कर दिजो विनती करा तुमसे श्याम ।। रोज रोज गाम आवेलो..... भजन रचयिता :– राधे श्याम वत्स  Mob No :-  +91-9968876415 Instagram Facebook YouTube :- @RadheyShyamVatsOfficial @VatsRadheyShyamOfficial

आगै तो आगै बामण को बेटो बाबागैल चली उसकी नार

आगै तो आगै बामण को बेटो बाबा गैल चली उसकी नार खाटू मैं बाबा श्याम बड़ो दातार ।। भूरी भूरी टीबी, हरी ए बंबुली बाबा  जातिड़ो गेरो स मार।। खाटू मैं बाबा श्याम बड़ो दातार ।। खड़ी ए खड़ी बामण की भी रोवे बाबा इब मेरो कुण हवाल ।। खाटू मैं बाबा श्याम बड़ो दातार ।। आई तो थी पूता  की मैं भूखी ए बाबा दे चाली भरतार ।। खाटू मैं बाबा श्याम बड़ो दातार ।। जाय खाटू मैं खबर हुई स बाबा जातिड़ो गेरो स मार ।। खाटू मैं बाबा श्याम बड़ो दातार ।। रतन सिंहासन बाबा को थर्रायो बाबा लीले न कर दो न तैयार।। खाटू मैं बाबा श्याम बड़ो दातार ।। लीले सै घोड़े केशरियें स जोड़े बाबा मोरछड़ी जिनकै हाथ ।। खाटू मैं बाबा श्याम बड़ो दातार ।। मोरछड़ी को झाड़ो की लायो बाबा जातिड़ो उठयो ललकार ।। खाटू मैं बाबा श्याम बड़ो दातार ।। पाछै तो फिर कै देख हे बामण की बेटी बाबा आवै सै पूता की लार।। खाटू मैं बाबा श्याम बड़ो दातार ।। दूध भी दीन्हो पूत भी दीन्हो बाबा ओर दियो भरतार ।। खाटू मैं बाबा श्याम बड़ो दातार ।। ऊचै तो चढ़के हेलो भी मारे बाबा सब कोई आइयो खाटू धाम खाटू मैं बाबा श्याम बड़ो दातार ।।

माची सांवरे के दर पे, ऐसी लूट बावरे

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तर्ज :- आच्छा लागे सै माची सांवरे के दर पे, ऐसी लूट बावरे भरता झोली सबकी है, छूट सांवरे भंडार इसका बड़ा है, अटूट सांवरे बोलना ना इसे कभी भी, झूठ बावरे मेरा बाबा लखदातार,इसकी महिमा अपरम्पार मेरा श्याम धणी सरकार, मन्नै चोखा लागे सै आवे तेरे नर नार बोले सारे जय जयकार बाबा तेरा चमत्कार, मन्नै चोखा लागे सै तेरा फागन की बहार बाबो मारे किलकार चले सबको कारोबार, मन्नै चोखा लागे सै पहरे गल वैजन्ती हार, लटके ऊपर छत्र हजार देखो इत्र की फुहार, मन्नै चोखा लागे सै जब से सुणा हैं तेरा नाम साँवरे लाग गई मन मे, खटक बावरे बिना बोले ही तू कर दे काम साँवरे आया तेरे दर पे , तू जाग साँवरे तू जाणे मन की बात, धर दे सिर पे मेरे हाथ यो तेरा आशीर्वाद, मन्नै चोखा लागे सै तू ही मेरे कुल का है देव साँवरे तेरे बिना कोई नही और साँवरे तूने हमको दिया है , रोजगार साँवरे सारी ऊमर आऊँगा मैं, तेरे दर साँवरे "राधेश्याम" का तू प्यारा , सारी दुनिया से न्यारा तेरा यो इशारा , मन्नै चोखा लागे सै भजन रचियता :- राधेश्याम वत्स  Mob 9968876415

मैं तेरे दर पे आई ,तू लादे मेरे झाड़ा

तर्ज:- मैं श्याम मेले जांगी तू दे दे मन्ने भाड़ा मैं तेरे दर पे आई ,तू लादे मेरे झाड़ा लादे मेरे झाड़ा, तू लादे मेरे झाड़ा।। मुझ पर आ गया, संकट भारी-२ कोई नहीं काटे, मेरी बीमारी-२ मन्ने तुझ से आस लगाई।। तू लादे मेरे झाड़ा टूणा टोटक, सारा कर लिया-२ ठगा न अपणां घर भर लिया-२ मेरी खाग्या नेक कमाई।। तू लादे मेरे झाड़ा तेरी महिमा मुझको बताई-२ अब पकड़ी खाटू की राही-२ मेरी करदे मन की चाही।। तू लादे मेरे झाड़ा भवन तेरा सच्चा बतलाया-२ जो माँगा वो यहाँ से पाया-२ मेरी भी करलो सुणांई।। तू लादे मेरे झाड़ा "राधेश्याम को तेरा सहारा-२ "केशव" "श्यामा" बालक थारा-२ ना करना लोग हँसाई।। तू लादे मेरे झाड़ा भजन रचयिता:- राधेश्याम वत्स नांगलोई दिल्ली

सपने मैं खाटू वालो, श्याम मिल गयो

तर्ज:- छोटो सो वानर हद कर गयो सपने मैं खाटू वालो, श्याम मिल गयो ।। घणे दीना सै बिगड़ा, सारा काम कर गयो ।। ठाठ बाट से सो रहा था मैं, घर के अंदर खाट पे लीले वाला हँसता दिखा,अपना घोड़ा डाट के माथे पे जादू आलो, हाथ धर गयो।। गद गद काया मेरी होगी, मूरत देखी श्याम की ऐसी मस्ती मन मे छागी, रटना लागी नाम की पल्ला बिछाया मेरी, झोली भर गयो।। हाथ फेर के चालण लाग्या, भगता का वो रखवाला खाटू जावण का न्योता देगा, करग्या मुझको मतवाला मोरछड़ी का झाड़ा देके, लीले चढ़ गयो।। "राधेश्याम" क चढ़ी खुमारी, खाटू नगरी जाणे की घणे दिना से मन म आरी, श्याम कुण्ड म न्हाणे की मंदरीया की पैड़ी ऊपर, बाबो मिल गयो।। भजन रचयिता:- राधेश्याम वत्स  दिल्ली

खर्चो तो भेजो बाबा,ल्यावा कोनी उधार।।

तर्ज:- बार बार मैं तुम्हे पुकारु ... पैदल चल कर आवां बाबा, ले सारा परिवार खर्चो तो भेजो बाबा,ल्यावा कोनी उधार।। घर से हम तो चाल पड़े,अब तेरा ही सहारा हैं-२ जहाँ भी ठहरे वो घर,हमको स्वर्ग से भी प्यारा हैं-२ रात वहां पर कीर्तन करके, बोला जय जयकार।। ऊठ सवेरे हँसते हँसते, श्याम निशान उठावा हो-२ बड़े भाव से थाल सजाकर,थारी आरती गावां हो-२ चलने से पहले थोड़ा सा, ले लेवा फलिहार।। रींगस से खाटू का रस्ता, लगता बड़ा सुहाना हैं-२ इस रस्ते से हम भगतो का, रिस्ता बड़ा पुराना है-२ भगतो के संग हमने देखे, लाखों चमत्कार।। मंदिर आगे होली खेला, मन मे चाव बड़ा भारी-२ जीवा इतने दर्शन चाहवा, याहे विनती हैं म्हारी-२ भूल चूक की माफी हमकों, दे दीज्यो सरकार।। "राधेश्याम" तो विनती करता, आगे मर्जी थारी जी-३ "केशव" बालक पैदल आ लिया, अबके "श्याम" की बारी जी-२ "श्याम मण्डल" पर कृपा रखना, हो लीले असवार।। भजन रचयिता :- राधेश्याम वत्स नांगलोई दिल्ली

तेरी बिगड़ी सुधारे साँवरिया

तर्ज :- पल्ला तू बिछा के देख हो देख चस्खा तू लगाके देख हो देख तेरी बिगड़ी सुधारे साँवरिया-२ तेरी बिगड़ी सुधारे साँवरिया-तेरी बिगड़ी सुधारे साँवरिया ।। मेरे श्याम का चसखा भारी हैं -२ यो काटे सब बीमारी है -२ बस नैना लड़ा के देख हो देख ।। तेरी बिगड़ी... ये दीन दुःखी सहारा हैं -२ ऐसा श्री श्याम हमारा हैं -२ चौखट पे माथा टेक हो टेक ।। तेरी बिगड़ी... जब द्रोपदी पे हैं विपदा आई थी -२ श्री श्याम ने लाज बचाई थी -२ गया हार दुशासन देख हो देख ।। तेरी बिगड़ी... ये तीन बाण का धारी हैं -२ लीले की करें सवारी है -२ " राधेश्याम " भी जाके देख हो देख ।। तेरी बिगड़.... भजन रचयिता :- राधेश्याम वत्स ( दिल्ली)