आगै तो आगै बामण को बेटो बाबागैल चली उसकी नार
आगै तो आगै बामण को बेटो बाबा
गैल चली उसकी नार
खाटू मैं बाबा श्याम बड़ो दातार ।।
भूरी भूरी टीबी, हरी ए बंबुली बाबा
जातिड़ो गेरो स मार।।
खाटू मैं बाबा श्याम बड़ो दातार ।।
खड़ी ए खड़ी बामण की भी रोवे बाबा
इब मेरो कुण हवाल ।।
खाटू मैं बाबा श्याम बड़ो दातार ।।
आई तो थी पूता की मैं भूखी ए बाबा
दे चाली भरतार ।।
खाटू मैं बाबा श्याम बड़ो दातार ।।
जाय खाटू मैं खबर हुई स बाबा
जातिड़ो गेरो स मार ।।
खाटू मैं बाबा श्याम बड़ो दातार ।।
रतन सिंहासन बाबा को थर्रायो बाबा
लीले न कर दो न तैयार।।
खाटू मैं बाबा श्याम बड़ो दातार ।।
लीले सै घोड़े केशरियें स जोड़े बाबा
मोरछड़ी जिनकै हाथ ।।
खाटू मैं बाबा श्याम बड़ो दातार ।।
मोरछड़ी को झाड़ो की लायो बाबा
जातिड़ो उठयो ललकार ।।
खाटू मैं बाबा श्याम बड़ो दातार ।।
पाछै तो फिर कै देख हे बामण की बेटी बाबा
आवै सै पूता की लार।।
खाटू मैं बाबा श्याम बड़ो दातार ।।
दूध भी दीन्हो पूत भी दीन्हो बाबा
ओर दियो भरतार ।।
खाटू मैं बाबा श्याम बड़ो दातार ।।
ऊचै तो चढ़के हेलो भी मारे बाबा
सब कोई आइयो खाटू धाम
खाटू मैं बाबा श्याम बड़ो दातार ।।