तेरी बिगड़ी सुधारे साँवरिया
तर्ज :- पल्ला तू बिछा के देख हो देख
चस्खा तू लगाके देख हो देख तेरी बिगड़ी सुधारे साँवरिया-२
तेरी बिगड़ी सुधारे साँवरिया-तेरी बिगड़ी सुधारे साँवरिया ।।
मेरे श्याम का चसखा भारी हैं -२
यो काटे सब बीमारी है -२
बस नैना लड़ा के देख हो देख ।। तेरी बिगड़ी...
ये दीन दुःखी सहारा हैं -२
ऐसा श्री श्याम हमारा हैं -२
चौखट पे माथा टेक हो टेक ।। तेरी बिगड़ी...
जब द्रोपदी पे हैं विपदा आई थी -२
श्री श्याम ने लाज बचाई थी -२
गया हार दुशासन देख हो देख ।। तेरी बिगड़ी...
ये तीन बाण का धारी हैं -२
लीले की करें सवारी है -२
"राधेश्याम" भी जाके देख हो देख ।। तेरी बिगड़....
भजन रचयिता :- राधेश्याम वत्स ( दिल्ली)