खाटु का श्याम, अब तो म्हारी पीड़ा हरो
तर्ज :- थोड़ी सी देर डट ज्या म्हारो जी ना भरो।।
खाटु का श्याम, अब तो म्हारी पीड़ा हरो
चारो कानी तै बाबा, भोत घिरो।। खाटु...
दुखड़ा में फंस ग्यो बाबा मुझको बचा ले
बेगा सा आओ थारे लीले चढ़ो।। खाटु...
कोई ना बोले म्हाने, बावलो सो जाने
घोर अज्ञानी म्हाने, ज्ञानी करो।। खाटु...
एक थारो द्वारों म्हारो,ओर ना सहारो
और जगां पे म्हारो, मन ना भरो।। खाटु...
"राधेश्याम" बालक थारो,इसको भी देवो सहारो
"केशव" "श्याम" थारे,चरणां में पड़ो।। खाटु...
भजन रचयिता राधेश्याम वत्स दिल्ली