मैं तेरे दर पे आई ,तू लादे मेरे झाड़ा

तर्ज:- मैं श्याम मेले जांगी तू दे दे मन्ने भाड़ा

मैं तेरे दर पे आई ,तू लादे मेरे झाड़ा
लादे मेरे झाड़ा, तू लादे मेरे झाड़ा।।

मुझ पर आ गया, संकट भारी-२
कोई नहीं काटे, मेरी बीमारी-२
मन्ने तुझ से आस लगाई।। तू लादे मेरे झाड़ा

टूणा टोटक, सारा कर लिया-२
ठगा न अपणां घर भर लिया-२
मेरी खाग्या नेक कमाई।। तू लादे मेरे झाड़ा

तेरी महिमा मुझको बताई-२
अब पकड़ी खाटू की राही-२
मेरी करदे मन की चाही।। तू लादे मेरे झाड़ा

भवन तेरा सच्चा बतलाया-२
जो माँगा वो यहाँ से पाया-२
मेरी भी करलो सुणांई।। तू लादे मेरे झाड़ा

"राधेश्याम को तेरा सहारा-२
"केशव" "श्यामा" बालक थारा-२
ना करना लोग हँसाई।। तू लादे मेरे झाड़ा

भजन रचयिता:- राधेश्याम वत्स नांगलोई दिल्ली

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